Lost Without You !
Thursday, July 19, 2018
Monday, August 14, 2017
Wednesday, July 12, 2017
उनका खयाल
एक शीतल हवा के झोंके संग तेरा ख्याल आना,
और दूसरे ही पल तुझे मेरे लफ़्ज़ों के बीच पाना....
महज़ इत्तिफ़ाक़ है या रूह की रूह को आवाज़,
हवा सी मोहब्बत है तेरी या मेरा तुझमे विश्वास....
मुझे पढ़ के भी तेरी चुप्पियों को फर्क नही पड़ता,
या दिल तेरा मेरी इन व्यर्थ की बातों पे है हँसता...
जिन बातों पे हम हँसते थे उन्हें सोच के रोना आया ,
कभी हँसेंगे उन्ही बातो पर जिन बातों ने था रुलाया...
तूमने ख्वाबों में आकर मेरे दिल मे जो इश्क़ बोया था,
पिछले कुछ दिनों से वो रूह में छिपके कँही सोया था
आज सावन की बूंदों ने उसे भी स्पर्श से जगा दिया ,
मेरी कलम ने तेरी यादों से ही स्याही का काम लिया..
अहसासों की नमी से रिश्ते उपजते है फूल भी आते हैं
खुश्बू फैलाते हैं खुद मुरझा के काँटो को छोड़ जाते है..
काँटों की फितरत है सदा जो हैं वही दिखते है,
दामन पकड़ के मेरा रुकने को भी ये कहते हैं... !!
Saturday, July 1, 2017
Tuesday, June 20, 2017
तू थोड़ी देर और ठहर जा
सूफ़ी इसका रंग हाए
इसमे जो तेरा ख्वाब पिरोया
नींदें बनी पतंग
दिल भरता नहीं
आँखें राज्जती नहीं
दिल भरता नही
आँखें राज्जती नही
चाहे कितना भी देखती जौन
वक़्त जाए मैं रोक ना पऔन
तू थोड़ी देर और ठहर जा सोणेया
तू थोड़ी देर और ठहर जेया
तू थोड़ी देर और ठहर जा ज़ालिमा
तू थोरी देर और ठहर जेया
#हाए दिन तेरे बिन अब जी ना पाए
दिन तेरे बिन अब जी ना पाए
साँस ना लेती रात
इश्क़ करें तेरे होंठों से
इश्क़ करें मेरे होंठों से
बस इक तेरी बात
तेरी दूरी ना साहूं
डोर खुद से रहूं
तेरे पहलू में ही रह जौन
तू ही समझा जो मैं चाहूं
तू थोड़ी देर और ठहर जा सोणेया
तू थोड़ी देर और ठहर जेया
तू थोड़ी दायर और ठहर जा ज़ालिमा
तू थोड़ी दायर और ठहर जेया
नायो लगना, नायो लगना
तेरे बिन दिल मेरा
दिल मिन्नटे करे
ना तू जेया ना परे
तेरे जाने से जी ना पऔन
तू थोड़ी दायर और ठहर जा सोणेया
तू थोड़ी दायर और ठहर जेया
तू थोड़ी देर और ठहर जा ज़ालिमा
तू थोड़ी देर और ठहर जेया
तू थोड़ी देर और ठहर जा ज़ालिमा
तू थोड़ी देर और ठहर जा.. (ठहर जा)
तू थोड़ी देर और ठहर जा ज़ालिमा
तू थोड़ी देर और ठहर जा
तू थोड़ी देर..
बस थोड़ी देर और ठहर जा



