Wednesday, May 31, 2017

खयालात !




बाहें जब तरसती हैं मेरी तुम्हे सीने से लगाने को...!!
मैं कागज़ पे उतार के तुम्हें, अक्सर गले लगा लेता हूँ!
#Ⓜ️

Thursday, May 18, 2017

याद आया





दिल धड़कने का सबब याद आया
वो तेरी याद  थी अब याद आया !

आज मुश्किल था सम्भलना ऐ दोस्त
तू मुसीबत में अजब  याद आया !

दिन गुज़ारा  था बड़ी मुश्किल से
फिर तेरा  वादा-ए-शब याद आया !

तेरा भूला हुआ पैमान-ए-वफ़ा
मर रहेंगे अगर अब याद आया !

फिर कई लोग  नज़र से गुज़रे
फिर कोई शहर-ए-तरब याद आया !

हाल-ए-दिल हम भी सुनाते लेकिन
जब वो रुख़सत हुए तब याद आया !

बैठ कर साया-ए-गुल में "नासिर"
हम बहुत रोये वो जब याद आया !!








*लम्हें लम्हें में बसी है तेरी यादों की महक..........!!
*ये बात और है की नज़रों से दूर रहते हो #तुम !! *....

Wednesday, May 17, 2017

सफर


                 
                 
तन्हाई भरा ये सफर यूँ कटता नहीं, 
तेरे सिवा दिल कहीं लगता भी नहीं।

गुज़र रहा हूँ फिर तेरे शहर के करीब से,
महसूस किया तुझे इन हवाओ की लहरों से, 

 छू गया हो तेरा अहसास मेरे दिल को करीब से,
लो फिर आज खो गया हूँ तेरी यादो को समेट के।

रिमझिम गिरती बारिश ने भी तन को मेरे छू लिया, 
लगा जैसे शायद तूने भी मुझे दिल से याद किया, 

भीगना भी मन को बहुत भा रहा था,
पल पल तेरा स्पर्स याद जो आ रहा था।

जो आँखे बंद की तू दिल के करीब मेरे थी, 
आँख खुलते ही सपनो की तरह ओझल थी। 

प्यार का अहसास भी बड़ा खूबसूरत है,
रूह थम चुकी , जिस्म चलते जा रहा है

आस थी दीदार ए यार की जो अधूरी रही, 
दिल बेकरार रहेगा जब तक हसरत पूरी नही हो रही। 

इतना क्यों याद आती हो के जान पे बन आये, 
आ भी जाओ न तरसाओ ...... बस मिलने चली आओ। 
  ®

तलाश करती रही निगाहें

                           हर राह पर तुम्हें तलाश करती रही निगाहें, 
                           काश यादों से निकल कर तुम रूबरू हो जाते।





                          तुम्हारी यादोँ से निकल कर हम जाएँ भी तो कहाँ... 
                          तुम मेरे ख़यालोँ के हर रास्ते पर खड़े मिलते हो.!!
 

यादों का बाजार




                                  खुल जाता है तेरी यादों का बाजार सरे आम....
                                  फिर मेरी रात इसी रौनक में गुजर जाती है। ®



                                               

Monday, May 15, 2017

माना के हम यार नहीं .. ( Mana ke ham Yaar Nahi )


माना के हम यार नहीं ...
लो तय  है के प्यार नहीं....
माना कि हम यार नहीं
लो तय है के प्यार नहीं.....
फिर भी नज़रें ना तुम मिलाना...
दिल का ऐतबार नहीं...
माना की हम यार नहीं...

रास्ते में जो मिलो तो,  हाथ मिलाने रुक जाना
साथ में कोई हो तुम्हारे,  दूर से ही तुम मुस्काना
लेकिन मुस्कान  हो ऐसी
कि जिसमें इकरार  नहीं
नज़रों से ना करना तुम  बयां
वो जिससे इनकार  नहीं
माना के हम यार  नहीं...

फूल जो बंद है पन्नो में तो,  उसको धूल बना देना
बात छिड़े जो मेरी कहीं,  तुम उसको भूल बता देना
लेकिन वो भूल हो  वैसी
जिससे बेजार  नहीं ....
तु जो सोये  तो मेरी तरह
इक पल भी करार नहीं
माना कि हम यार  नहीं..