Lost Without You !
Wednesday, May 17, 2017
तलाश करती रही निगाहें
हर राह पर तुम्हें तलाश करती रही निगाहें,
काश यादों से निकल कर तुम रूबरू हो जाते।
तुम्हारी यादोँ से निकल कर हम जाएँ भी तो कहाँ...
तुम मेरे ख़यालोँ के हर रास्ते पर खड़े मिलते हो.!!
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